WhatsApp कैटलॉग बनाम ऑनलाइन स्टोर
WhatsApp कैटलॉग आपके प्रोडक्ट ऐप के अंदर दिखाता है। ऑनलाइन स्टोर ग्राहकों को अपना एक पेज देता है। जानिए दोनों में क्या फ़र्क है, और कब कौन-सा ठीक रहता है।
| WhatsApp कैटलॉग | ऑनलाइन स्टोर लिंक | |
|---|---|---|
| ग्राहक इसे कहाँ देखते हैं | WhatsApp के अंदर | ऐसा लिंक जो किसी भी ब्राउज़र में खुलता है |
| Instagram और बाकी जगह शेयर करना | देखने के लिए ग्राहकों को WhatsApp चाहिए | एक लिंक जो हर जगह चलता है |
| साइज़, रंग और एक्स्ट्रा | सीमित | अपनी कीमत वाले विकल्प और वैरिएंट |
| ऑर्डर की कुल रकम और जानकारी | आप चैट में खुद निकालते हैं | गणना होकर एक मैसेज में आती है |
| ऑर्डर का इतिहास | चैट में ढूँढना पड़ता है | हर ऑर्डर और ग्राहक के साथ एक डैशबोर्ड |
| पेमेंट स्टेटस और कमाई | ट्रैक नहीं होती | ऑर्डर को पेड मार्क करें और कमाई देखें |
| डिलीवरी फ़ीस और न्यूनतम ऑर्डर | इसमें नहीं है | एक बार सेट करें, हर ऑर्डर पर लागू |
| आपका अपना पता और QR कोड | शामिल नहीं | शामिल |
दूसरे ऐप्स की सुविधाएँ समय के साथ बदलती रहती हैं। यह तुलना लिखे जाने के समय उनके काम करने के तरीके को दिखाती है।
कब कैटलॉग काफ़ी है
अगर आपके पास कुछ ही प्रोडक्ट हैं, कोई विकल्प नहीं हैं और आपके सभी ग्राहक पहले से WhatsApp पर आपसे चैट करते हैं, तो कैटलॉग जल्दी बन जाता है और उसमें कोई खर्च नहीं।
कब स्टोर लिंक बेहतर है
जैसे ही आप साइज़ या रंग में बेचते हैं, बहुत ऑर्डर लेते हैं, या Instagram और Google से ग्राहक चाहते हैं, स्टोर पेज आपके टाइप करने के घंटे बचाता है और गलतियों से बचाता है।
- ग्राहक सही आइटम और मात्रा चुनते हैं
- हर ऑर्डर आपको एक ही जगह मिलता है
- आप लिंक कहीं भी शेयर कर सकते हैं, सिर्फ़ चैट में नहीं
आप दोनों इस्तेमाल कर सकते हैं
स्टोर आपकी चैट की जगह नहीं लेता। ऑर्डर फिर भी WhatsApp पर आता है, इसलिए ग्राहकों से आपकी बातचीत पहले जैसी ही रहती है।
सवाल
नहीं। अगर वह काम आता है तो रखें। आपका स्टोर लिंक एक ऐसा पेज जोड़ता है जो WhatsApp के बाहर भी चलता है और विकल्प व कुल रकम संभालता है।
हाँ। ऑर्डर से आपके साथ चैट खुलती है, इसलिए पेमेंट और डिलीवरी आप वहीं कन्फ़र्म और तय करते हैं।